इजहार अ मौत

 मेरे दोस्त सकल के अच्छे तो नहीं थे लेकिन दिल में उस लडकी के लिए अटूट प्यार था जिसे ओ प्यार करता था यकीन नहीं होता है तो ये देखो 



मेरे दोस्त तालाब के किनारे बैठकर सिसक सिसक कर रो रहा था मै उसके ही पास जाने वाला था लेकिन तालाब के पास हीं मिल गया 


मै क्या हुआ बे क्यों रो रहा है 

रमेश कुछ नहीं मै कहा रो रहा हूं 


मै जनता हु मैं तुम नहीं बताओ गे हां भाई 

              अब मैं असली दोस्त थोड़ीना हु जो तु मुझे

             दिल के बात बताएगा 


रमेश। तुम तो जानते हों न यार आज उसका जन्मदिन 

                  हैं उसने मुझको बुलाया नहीं 


मै। हां बे यार तुम बोलते हो बुलाया नहीं तुम उनको 

                 बात भीं किए हो आज तक , क्या यार तुम भी इसी 

                लिए गंगा जमुना बहा रहे हों मै हस पड़ा 


रमेश। तुम नहीं समझो गे जब तुमको किसी से प्यार होगा न

               तब जाके तुमको अहसास होगा,


मै। चल छोड़ न यार चल घूमे चल 


रमेश। नहीं मुझे कही नहीं जाना है 


मै। मै उसको ज़बरदस्ती ले गया घूमने रास्ते चलते बात

                कर रहे थे हम लोग ओ बोला


रमेश। भाई ओ मुझे देखना भी बंद कर दिया है 

                  कुछ कर की उसको मेरे प्यार का अहसास हो 


मै। तुम तो उसको कुछ बोल नहीं पाते तुम एक कम 

               करो एक लेटर लिखो जिसमें प्यार का इज़हार हो 

              फिर उसको दे देना 


रमेश। भाई कैसे दूंगा मुझे तो उसके पास जाने से डर लगता है

              

मैं मै देदू क्या ..


रमेश। नहीं यार जब मै ही प्यार किया हु तो मैं खुद दुंगा

        

मैं। ठीक है दोस्त...


मै। बोला यार एक मस्त मूवी आयेगा मेला में देखने जाएंगे 

          तैयार रहना इस बार फिर साथ में जाएंगे मजा आएगा 


रमेश। जिंदा रहूंगा तब तो न 


 मै। ऐसा क्यों बोल रहा है रमेश देख यार फालतू का बात 

              मत कर मुझे अच्छा नहीं लगता 


रमेश तू चले जाना तेरे बाकी दोस्त के साथ 


मै। बोला मेरा कौन और दोस्त है बे एक तू ही तो जिसके साथ 

         मै हमेशा घूमने आता हु और तू ये सब कदम उठाएगा तो

      पुलिस मुझे पकड़ कर ले जाएगा यार गवाही दिलाने 

     और तुम तो जानते हो मै ठीक से बात नहीं कर पाता हूं  

    लगता है सारा गलती मुझे पर। आयेगा तू मुझे जेल भेजना चाहता है यार अच्छा तू मरना क्यों चाहता है.....


रमेश सुकून की जिंदगी मिलेगा यहां तड़पने से अच्छा है 

                 मस्त मर जाएंगे अब मैं उसको प्यार करता हु लेकिन 

               बोल नहीं सकता और पता नहीं ओ मुझे प्यार भी 

            करती है के नहीं क्योंकि मैं तो कला हूं, 


मै तो उसे छोड़ दूसरा को देख ले लड़कियों की कमी है क्या   

         बे       


रमेश। नहीं दोस्त मै उसी को जान से ज्यादा प्यार करता हु कोई दूसरा को नहीं देख सकता वरना कब के देख लेता 


मैं। हे भगवान ऐसे क्या है रे उस लड़की में मोटी तो है गुब्बारे 

        की तरह फूली हुई,उसी के लिए जान देने की बात करते हो 

देख रमेश तू उसे कितना चाहता हैं ये तो तुम ही जानो लेकिन ये मरने वारने कि बात को छोड़ दो तूने कभी सोचा है तेरे भैया जो आंख से अपाहिज है उसका क्या होगा .. एक तूही है उसका 

और कोई नहीं है .. 


रमेश। भाई मैं गरीब हूं हम लोग के पास खेत भी नहीं है अलग से कर्ज लिए हैं जिसके पैसे अभी से छुटे नहीं है हम लोगों का क्या होगा ... 


 मै तो क्या तुम मर जायेगा 


रमेश। हां मुझे खुशी होगा मै दुनिया से अलग हों जाऊंगा हमेशा के लिए खुद रहूंगा....ओर तू चिंता मत कर तुझे कुछ

    कुछ नहीं होने दूंगा .ऐसे मरूंगा तेरे ऊपर कोई केस नहीं आएगा जब तुमको कुछ पूछेगा तो बस इतना बोलना देना मुझे कुछ पता नई हैं,


इतना हम बात ही कर रहे थे शाम ढल गया अब चल रमेश रात होने को है ..


दूसरे दिन हम लोगों का प्रैक्टिकल का परीक्षा है 


मै कल तुम स्कूल को आ रहे हो न रमेश 


रमेश। हां 


मै। आज स्कूल गया और मेरे विज्ञान का परीक्षा दे कर 

         वापस घर लौट साम को मिला दोस्त को मैने पूछ 


कैसे स्कूल नहीं आए सर मैडम तुमको याद कर रहा था 

उसने बोला 


रमेश। भाई आज मैने उसे खत लिख के दिया हैं

मै। चल बे तू ढंग से उसको बात नहीं कर पाता तू 

उसे खत देगा 


रमेश। हां बे दिया है ओ स्कूल से आ रही थी तब वहीं पर 

एक पेड़ के नीचे उसका इंतजार कर रहा था और जैसे ओ वहां से गुजरी रही थी मैने उसको लेटर दे दिया भाई मुझे बहुत डर 

लग रहा है 


मै। बोला लेटर तो दे दिया तो फिर इंतजार करो यार 

           कल सुबह फिरब्यूम वही पर जान तुमको कोई जवाब देगी ओ कहके मै और मेरे दोस्त आपस में बात कर रहे थे..


फिर जब उसके दूसरे दिन मिले तो मेरे दोस्त की आंखे नम और वो बहुत दुखी थे.. मैने पूछ ही लिए क्या भाई उसने माना कर दिया क्या ..

 

रमेश भाई ओ मना करती हो इतना दुख नहीं होता यार्बकल रात को उसके पापा मां और उसके चाचा आए थे, मुझे मेरे घर वालों के सामने बहुत डाटा है दोस्त मै शर्म से भर गई हु क्या मुंह दिखाऊं घर वाले को मेरे घर वालों की बेज्जती हो गया मेरे वजह से अब मुझे जीने का शौक नहीं है तुम ठीक से रहना मेरे दोस्त अगले जन्म में फिर मिलेंगे ....


मै। फिर तू वही बात देख भाई मै तुमको फिर एक बार समझ रहा हु मरने से तुमको शांति नहीं मिलेगा हमेशा दुख ही रहोगे अकेला भटकोगे ऐसा मत करना मेरे मेरे भाई...


रमेश। मेरे दिल जो दर्द है न उसे केवल मै ही समझ सकता हु दोस्त तू नहीं बस तू अपना ख्याल रखना वैसे भीं आज मुझे 

बहुत सारा काम है मै जाता हु , और हां मैं कुछ दोनों के लिए 

गांव जा रहा हु .. मै स्कूल नहीं आ पाऊंगा ..


और हां तू मुझे पहले कसम दे कि तेरी मेरी दोस्ती के कसम है ये सब बात तू किसी को नहीं बताएगा ,वरना मेरा हमेशा के लिए रिश्ता टूट जाएगा मै समझूं गा मेरे दोस्त गद्दार निकला



मै। ठीक हैं दोस्त कहके नहाने चल फिर मैनें स्कूल चला गया स्कूल में दो पहर को एक मेरे दोस्त ओ मेरे पास आके पूछ रहा है तेरे दोस्त ने जहर क्यों खाए। ..जहर खा लिए कौन बोल रहा हैं अभी सुबह ही मै उनसे मिल। के आया हु बे .. ओ लड़का बोल क्या बे दोस्त होके अपने ही दोस्त के बारे में नहीं जानता 

साला कहके । मुझे डांटने लगा रमेश ने जहर खा लिया है पूरे स्कूल में बात फेल गई आग की तरह सब मेरे से ही एक पूछने लगा आखिर उसने जहर क्यों खाया मुझे यकीन नहीं हो रहा था मै ने पूछा अभी ओ कहा है एक ने बोला चम्पा के अस्पताल ले गए उसको मै आश्चर्य से हे भगवान ये क्या हो गया छुट्टी हुआ तो मैं अपने घर गया घर वाले मेरे से आते ही पूछा तेरे दोस्त ने जहर खा लिया है .....सब बोल रहे थे अस्पताल ले गया हुआ है ...मेरे तो आत्मा हिल गया डर लगने लगा दुख तो इस बात का था कि मेरे बचपन के सबसे खास दोस्त की जान खतरे में है मैने भगवान से प्राथना करने के सिवाय कुछ नहीं कर सकता था। हे प्रभु मेरे दोस्त के रक्षा करना ...साम हो गए चिड़िया अपने घोंसले की तरफ लौट रही थी सब के घर सम का दीपक जल गया ... मै पूजा के लिए नहाने गया फिर पूजा कैसे करूं मन ही नहीं लग रहा हैं...खाना खाने का मन नहीं कर रहा था।। जबरदस्ती खाना पड़ा....सुबह सुबह मै बाथरूम से होकर रोड साइड घूम कर घर लौट तो पता चला तेरे दोस्त नहीं रहे .........इतना सुनते ही मै उसके घर कि तरफ गया तो भीड़ इकठ्ठा तो था पर लाश वहां पर नहीं था कई लोग बोल रहे थे पोस्ट मॉर्डम हो रहा है 4 घंटे में आ जाएगा मै फिर से अपने घर आया बेचैनी से लग रहा है.. मेरे म पूजा करते करते कितना सरल स्वभाव का बच्चा था , बच्चा जब तक घर के अंदर न बुलाओ आता ही नहीं था, अब मैं एक जगह बैठ गया, दोपहर हो गया सुनाई पड़ा कि लाश आ गया मोहल्ले वाले सब की भीड़ इतनी था कि मैं सबसे पीछे में था एक एम्बुलेंस आया है काफी भीड़ है सब रो रहे है .. ....मैं पीछे में ही था ...अब मैं क्या करु दोस्त ..सब के आंखे। नम है जवान लड़का चला गया .. फिर गाड़ी वही से गुजर गई ... मुझे समझ नहीं आ रहा था 

मै उसके सहजत में नहीं जा सका क्योंकि मैं दूसरे जाती का था ओ लोग हमे बड़े जाती के थे .. मुझे अब भी यकीन नहीं हो रह है कि मेरे दोस्त इस दुनिया से मुझको अलविदा बोल दिया 


   मेरे दोस्त तूने मुझे कही का नहीं छोड़ा ......अब फिर दो दिन बाद उसके भैया मुझे बयान लिखनवाने के लिए अपने घर ले गया मै हकलाता था बोलने में मेरे आवाज स्पष्ट नहीं आता था ऊपर से पुलिस वाले मुझे बोल रहे है सब सच सच बताना वरना

थाने में जाकर बयान देना पड़ेगा मै सब सच सच बोल दिया फिर उसके फाइल को बंद कर दिया...क्योंकि ।।उसके भैया के पास उतना पैसा नहीं ...था ....


           दी तीन दिनों तक बिलकुल अच्छा नहीं लगता था 

        











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